Virat Kohli Biography in Hindi | महान खिलाड़ी विराट कोहली की जीवनी

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Virat Kohli Biography in Hindi: विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में एक, जुनूनी एवं युवा खिलाड़ी, पदम श्री और पदम भूषण से अलंकृत द्वितीय सचिन तेंदुलकर कहे जाने वाले विराट कोहली जो कि भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान है उनका जीवन परिचय (Biography of Virat Kohli in Hindi) इस लेख में संक्षिप्त रूप में दिया गया है.

Virat Kohli Biography in Hindi

Virat Kohli Biography in Hindi ( विराट कोहली की जीवनी) 

क्रिकेट जगत में भविष्य का सचिन तेन्दुलकर कहे जाने वाले महान खिलाड़ी विराट कोहली भारतीय क्रिकेट टीम के  प्रसिद्ध और जाने माने खिलाङी है, जो कम समय में अपने प्रदर्शन और उपलब्धियों के माध्यम से करोङो लोगों के पसन्दीदा खिलाड़ी बन गए हैं। इन्होंने विकट परिस्थितियों में भारतीय क्रिकेट टीम को जीताकर कई उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं, यहाँ तक की वनडे क्रिकेट में सबसे अधिक शतक लगाने वाले भारतीय कप्तान भी बन गये हैं। इतना ही नहीं अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट जगत में कम समय में शीर्ष रैंकिंग में शामिल होकर महान् युवा खिलाड़ी के रुप मे भी प्रसिध्द हैं।

विराट कोहली उर्फ ‘चीकू’ के नाम से प्रसिध्द इस महान खिलाड़ी का जन्म 5 नवम्बर, 1988 के दिल्ली मे हुआ था । इनके पिता का नाम प्रेम कोहली था, जो एक प्रसिध्द वकील थे और माता का नाम सरोज कोहली है, जो कुशल गृहणी हैं । इनका बचपन दिल्ली के उत्तम नगर में व्यतीत हुआ । ये बचपन से ही क्रिकेट में रुचि रखते थे और अपने पिता के साथ खेला करते थे। इनकी इस प्रतिभा को पिता तथा पङोसियों ने बचपन मे ही पहचान लिया था । इन्होने अपनी स्कूली शिक्षा विशाल भारतीय पब्लिक दिल्ली और इण्टरमीडियट की पढाई सर्वीयर कॉन्वेण्ट से की। पङोसियों के कहने पर इनका एडमिशन 9 वर्ष की उम्र में दिल्ली क्रिकेट एकेडमी में हुआ और यहाँ इन्होने प्रशिक्षण कार्य शुरु कर दिया और यहाँ से करियर की शुरु हुई ।

Virat Kohli ने पहली बार अक्टूबर 2002 में पोली उमरीगार ट्राँफी 2002-03 के मैच दिल्ली अण्डर 15 टीम  के प्लेयर के रूप मे खेला, जिसमें अच्छा प्रदर्शन किया । इस दाँए हाथ के बल्लेबाज के प्रदर्शन को देखकर वर्ष 2003-04 में होने वाले पोली उमरीगार ट्राँफी  के लिए इन्हें कप्तान के रूप मे चुना गया। इसमें भी इन्होंने दो अद्धर्शन को तथा दो शतकों के साथ अच्छे रन बनाए। इसके पश्चात चयन विजच मिर्चण्ट के लिए दिल्ली अण्डर -17 टीम में हुआ, जिसमें इन्होंने नाबाद रहते हुए 251 रन का उच्चतम स्कोर बनाया। इसके पश्चात् कोहली का चयन वर्ष 2006 में दिल्ली अण्डर -19 टीम में हुआ और इस समय इंग्लैण्ड का दौरा हुआ , जिसमें कोहली के प्रदर्शन से उत्साहित लालचन्द्र राजपूत ने कहा कि “कोहली ने अपनी मजबूत क्षमता को धैर्यपूर्वक प्रदर्शित किया है।”

कोहली का अपने करियर में प्रथम श्रेणी  के खेल मे पदार्पण बर्ष 2006 में हुआ , जिसमें दिल्ली तथा तमिलनाडु वे बीच मुकाबला था, जिसमे अच्छा स्कोर नहीं बनाने से विराट असन्तुष्ट थे, जबकि दिसम्बर में कर्नाटक में होने वाले मैच मे यादगार पारी खेली , क्योंकि इस मैच के दौरान उनके पिता की मृत्यु हो गयी थी और इस मैच में इन्होंने 90 रनों की पारी खेली । अप्रैल 2007 में टी-20 में इनका चयन हुआ ,जिसमें इम्होंने अच्छा प्रदर्शन किया । इसी बीच अण्डर -19 टीम में कोहली का श्रीलंका और बांग्लादेश का दौरा हुआ , जिसमें बांग्लादेश के मैच में शतक तथा अर्ध्दशतक लगाते हुए अधिक रन बनाए। इसके बाद मार्च 2008 में Virat Kohli ने आईसीसी अण्डर -19 क्रिकेट विश्व कप, मलेशिया में टीम की कप्तानी की, जिसमें भारतीय टीम विजयी रही। इस प्रकार अण्डर -19 टीम के माध्यम से विभिन्न देशों का दौरा किया , जिसमें ‘मैन ऑफ द मैच’ भी बने।

जून, 2008 में कोहली तथा उनकी अण्डर-19 टीम के प्रदीप सांगवान और तनम्य श्रीवास्तव को ‘बॉर्डर –गावॉस्कर छात्रवृत्ति’ से पुरस्कृत किया गया । इतना ही नहीं जुलाई, 2008 में इन्हें आईसीसी चैम्पियन ट्रॉफी के लिए भारत के 30 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया, जिसे पाकिस्तान में आयोजित होना था। इसमें इनके प्रदर्शन को देखते हुए उभरते हुए खिलाङियों की टीम मे शामिल किया गया । इस प्रकार इनके प्रदर्शन एवं इनकी लगन को देखते हुए इनको अन्तर्राष्ट्रीय टीम में प्रथम श्रेणी के मैच मॆ शामिल किया गया, जिसमें इन्हें वनडे, टेस्ट, टी-20 तीनों प्रारुप में खेलने का अवसर मिला, जिसमे इन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया हैं। कोहली ने अपने अन्तर्राष्ट्रीय वनडे मैच की शुरुआत वर्ष 2008 से की, जिसमें पहला मैच श्रीलंका के विरुध्द खेला ।

वनडे मैच मे Virat Kohli का पदार्पण दाएँ हाथ के साथ सीरीज के चौथे मैच में पहला अर्ध्दशतक बनाकर अपना स्थान पक्का किया । इसी प्रकार वर्ष 2009 में श्रीलंका के भारत दौरे पर कोहली को खेलने का अवसर मिला और इन्होंने अपना पहला शतक बनाया । इसी प्रकार 270 के त्रिकोणीय सीरीज में कोहली ने एक दिवसीय क्रिकेट में सबसे तेज गति से 1000 रन बनाने वाले भारतीय खिलाङी बन गए । इसी दौरान कोहली ने अपना तीसरा शतक भी बनाया। विश्व कप 2011 के मैच में शतक बनाने वाले पहले खिलाङी के रुप में भी विराट प्रसिध्द हुए और इसी क्रम में विराट लोंगों के सबसे पसन्दीदा खिलाङी बन गए, तब से लगातार विराट अपनी प्रतिभा से ऊँचाईयों तक पहुँचते रहे हैं और बहुत से रन अपने खाते में शामिल किए हैं ।

20 फरवरी, 2018 तक विराट ने 208 एक दिवसीय मैंचो में कुल 9,588 रन बनाए हैं । जिसमें इनके 35 शतक और 46 अर्ध्दशतक शामिल हैं। यहाँ तक की एक दिवसीय मैच में इनका 183 उच्चतम स्कोर भी है । इस दौरान मैचों में बेहतर प्रदर्शन के कारण कई उपलब्धियाँ भी प्राप्त की हैं जैसे – अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 28 बार ‘मैन ऑफ द मैच’ रहे हैं और 5 बार ‘मैन ऑफ द सीरींज ’ रहे है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2010, 2011, 2012, 2013, 2014 तथा 2016 में सबसे अधिक रन बनाने वाले भारतीय क्रिकेटर के रूप में भी पहचाने गए। एक दिवसीय मैचों की भाँति टेस्ट मैच सें भी इन्होंने कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

Virat Kohli ने किंग्सटन में वेस्टइण्डीज के विरूद्ध वर्ष 2011 मे अपना पहला टेस्ट मैच खेला। इस प्रारूप में भी अपनी प्रतिभा से कई उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। इन्होंने अब तक 66 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें कुल 5,554 रन बनाए हैं जिसमें 21 शतक तथा 16 अर्द्धशतक शामिल हैं। टेस्ट मैच में इनका व्यक्तिगत उच्चतम स्कोर 243 हैं। इस क्रम में भी इन्होंने कई उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं, जैसे-इन्होंने 7 बार ‘मैन ऑफ द मैच ’ रहे हैं। इसके अतिरिक्त वर्ष 2012, 2015 तथा 2016 में टेस्ट में सबसे रन बनाने वाले भारतीय क्रिकेटर के रूप में पहचान बनाई। इसके अलावा इन्होंने टी -20 मैचों में भी 55 मैच खेलते हुए लगभग 2000 रन बनाए हैं, जिसमें इनका उच्चतम स्कोर 90 है।


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इस तरह से अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेटर जगत में कई रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम हैं । इण्डिया की तरफ से सबसे तेज गति से शतक बनाने का रिकॉर्ड कोहली नाम दर्ज हैं। कोहली ने 52 गेंदों पर ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध शतक बनाया था। वर्ष 2013 में साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध अपने शतक बनाए जाने के कारण ‘वनडे स्पेश्लिस्ट ’ कहा गया । वर्ष 2012 में आईसीसी की तरफ से ‘अन्तर्राष्ट्रीय एक दिवसीय प्लेयर ’ तथा वर्ष 2012 में बीसीसीआई के द्वारा ‘अन्तर्राष्ट्रीय खिलाडी’ का पुरस्कार प्रदान किया गया । इतना ही नहीं रनों को बनाने एवं शतक को बनाने के क्रम में भी भारत तथा  अन्तर्राष्ट्रीय खिलाडी के रुप में कई अन्य उपलब्धियाँ भी अपने नाम दर्ज कराई हैं। Virat Kohli को एक दिवसीय मैचों में 5000, 6000 तथा 7000 रन तेज गति से बनाने वाले प्रथम भारतीय तथा विश्व में दूसरे खिलाड़ी के रुप मे स्थान प्राप्त है।

इसके अतिरिक्त 8000 तथा 9000 रन तेज गति से बनाने वाले खिलाड़ी के रुप मे विराट के नाम रिकॉर्ड दर्ज हैं। इसी प्रकार 10 वाँ शतक, 15 वाँ शतक, 20वाँ शतक तथा 25 वाँ शतक एक दिवसीय मैच में बनाने मे प्रथम भारतीय तथा दूसरा अन्तर्राष्ट्रीय खिलाडी के रुप में इनके नाम रिकॉर्ड दर्ज हैं. इसके अतिरिक्त अन्तर्राष्ट्रीय एक दिवसीय में 30 वाँ शतक बनाने वाले खिलाडी एवं तेज गति से टी -20 में 1000 रन पूरा करने वाले तथा तेज गति से 15000 अन्तर्राष्ट्रीय मैचों मे रन पूरा करने वाले खिलाड़ी के रुप में भी विराट का नाम दर्ज हैं।  विराट ने अपने रिकॉर्ड खिलाड़ी के रुप में रन कप्तान के रुप में भी महत्तपूर्ण उपलब्धियाँ अपने नाम की हैं।

कोहली वर्ष 2010 में भारत श्रीलंका तथा जिम्बाम्बे के त्रिकोणीय सीरीज में उप-कप्तान की भूमिका निभाई । कप्तान के रुप में इनकी प्रमुख उपलब्धियों को देखने पर यह पाया जाता हैं कि वर्ष 2015 – 2017 में कप्तान के रुप मे लगातार 9 सीरीज जीतने का रिकॉर्ड  भी इनके नाम हैं। इससे इन्होने रिकी पोण्टिंग के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली ।

टेस्ट कप्तान के रुप मे इनको तीन इंनिग में तीन शतक लगाने का गौरव प्राप्त है। प्रथम भारतीय टेस्ट कप्तान के रुप में दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम हैं कप्तान के रुप में सबसे तेज गति से एक दिवसीय मैच में 1000 रन तथा 2000 रन बनाने का रिकॉर्ड भी इन्ही के नाम दर्ज है इस प्रकार सबसे अधिक एक दिवसीय शतक तथा टेस्ट मे सबसे अधिक रन एक कप्तान की भूमिका में बनाकर कई रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किए हैं।

इतना ही नहीं फरवरी 2018 मे विराट कोहली दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध शतक बनाकर भारत की ओर से वनडे में सबसे अधिक 14 शतक बनाने वाले भारतीय कप्तान बन गए हैं। इसी के साथ इन्होने सौरव गांगुली के रिकॉर्ड (12 शतक) को तोड़ दिया। इसके साथ ही रिकी पोण्टिंग तथा एवी.डी. विलियर्स के बाद सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले भारतीय कप्तान भी बन गए हैं।

इस तरह वनडे तथा टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक शतक बनाने वाले भारतीय कप्तान का रिकॉर्ड अपने नाम किया हैं। कोहली वर्तमान में क्रिकेट के तीनों प्रारुपों मे कप्तान के रुप में महत्तपूर्ण भूमिका निभा रहें हैं। इसके साथ इण्डियन प्रीमियर लीग मे रॉयल चैलेन्जर बैंगलोर के कप्तान भी हैं। आई पीएल में अपने प्रदर्शन से अच्छे रन (4056) 137 मैचों  में बनाए हैं, जिनमें इनके 4 शतक तथा 25 अर्द्धशतक शामिल है और इनका उच्चतम स्कोर 113 हैं। इस प्रारुप में भी अपने प्रदर्शन से लाखो प्रशंसकों के बीच पसन्दीदा खिलाड़ी के रुप में अपनी पहचान बनाई है।

कोहली क्रिकेट जगत में अच्छे प्रदर्शन के कारण कई सम्मान भी प्रदान किए गए हैं, जैसे – 2013 में इन्हे अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया । आईसीसी के द्वारा वर्ष 2012 तथा 2017 में ‘अन्तर्राष्ट्रीय प्लेयर ऑफ द ईयर घोषित ’ किया गया । इतना ही नहीं वर्ष 2011-12, 2014-15 तथा 2015-16 में बीसीसीआई द्वारा ‘अन्तर्राष्ट्रीय प्लेयर ऑफ द ईयर’ घोषित किया गया। इतना ही नहीं कप्तान के रुप मे भी इन्हे आईसीसी द्वारा सम्मानित किया गया ।

वर्ष 2016 लीडिंग क्रिकेट के रुप में सम्मानित किया गया तथा वर्ष 2017 में सर गरफिल्ड सोवर्स ट्रॉफी अवार्ड 2017 दिया गया जिसमें कोहली को ‘आईसीसी वर्ल्ड क्रिकेट ऑफ द ईयर ‘ के पुरस्कार से सम्मानित किया गया । इसके अतिरिक्त वर्ष 2017 में इन्हे भारत के महत्तपूर्ण सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया क्रिकेट जगत में अपनी पहचान को बनाने के साथ विराट ने अपने व्यक्तिगत जीवन में कल्याण सम्बन्धी कार्य भी किए है, इस कार्य को करने के लिए इन्होंने चैरिटी को स्थापित किया हैं, जिसके माध्यम से ये बच्चों के लिए तथा समाज सेवा सम्बन्धी कार्य भी कर रहैं हैं।

मार्च 2013 में विराट ने ‘विराट कोहली फाउण्डेशन ’ (वीकेएफ) नामक चैरिटी फाउण्डेशन की स्थापना किया ,जो वर्तमान में भी कार्यरत है । जिसका उद्देश्य वंचित बच्चों की सहायता करना औऱ दान के लिए धन जुटाने हेतु कार्यक्रमों का आयोजन करना हैं। यह गैर सरकारी संगठनों के साथ मिलकर जागरुकता पैदा करने औऱ परोपकारी कार्यों हेतु धन जुटाने का कार्य करती हैं। मई, 2014 से ‘ईवे ’औऱ ‘सेव द चिल्ड्रेन इण्डिया वीकेएफ के साथ मिलकर दान नीलामी वंचित बच्चों को शिक्षा और स्वास्थ्य सम्बन्धी देखभाल का लाभ पहुँचा रहें हैं।

कोहली वीकेएफ के स्वामित्व वाली ऑल हार्ट फुटबॉल क्लब का नेतृत्व भी करते हैं। इसके माध्यम से भी फाउण्डेशन के लिए निधि बनाने का कार्य किया जाता हैं। विराट ने अपने नए जीवन की शुरुआत वर्ष 2017 में बॉलीबुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा  से शादी करने के पश्चात, की हैं इस तरह विराट एक युवा खिलाडी के रुप में अपनी लगन एवं प्रतिभा से खेल जगत मे अच्छे प्रदर्शन कर भावी क्रिकेट के भगवान के रुप में उभरे है, जो आईसीसी के टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में दूसरा स्थान तथा टी-20 औऱ वनडे के बल्लेबाजी रैकिगं मे पहला स्थान प्राप्त किया है, जो किसी युवा खिलाडी के लिए प्रेरणास्त्रोत औऱ भारतीय टीम के लिए गौरव की बात हैं।


♦Conclusion♦

सबसे पहले यह लेख पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद प्रस्तुत लेख में क्रिकेटर विराट कोहली की जीवनी, भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान, के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई. हम उम्मीद करते हैं कि Virat Kohli Biography in Hindi | महान खिलाड़ी विराट कोहली की जीवनी यह लेख आपको पसंद आया होगा, अगर आपको पसंद आया है तो नीचे हमें Comment में जरूर बताएं और इस लेख को अपने मित्रों के साथ Share करें.

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