ओ.बी.सी. क्रीमी लेयर और नॉन क्रीमी लेयर क्या है

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भारत में अलग-अलग जाति व धर्म के लोग रहते है और सरकार ने जाति के आधार पर इन्हें आरक्षण प्रदान किया है। आरक्षण के तहत SC/ST/OBC कैटेगरी आती है और सरकार द्वारा OBC वर्ग को दो भागों में बांटा गया है :

  1. OBC Non Creamy layer.
  2. OBC Creamy layer.

आप अगर छात्र है या ओबीसी की किसी जाति से संबंध रखते हैं, तो आपको OBC Layers के बारे में पूरी जानकारी होनी ही चाहिए, तभी आप सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते है।

आप ओबीसी में आने वाली Creamy layer And Non Creamy layer को लेकर Confusion में है, कि आप किस इसके तहत आते हैं, तो आज आपकी इस समस्या का समाधान हम इस लेख में लेकर आए हैं।

प्रिय पाठको, इस लेख में हम आपको बताएंगे कि क्रीमी लेयर क्या है ? नॉन क्रीमी लेयर क्या है ? साथ ही इनमें क्या अंतर है ?

ओ.बी.सी. नॉन क्रीमी लेयर और क्रीमी लेयर क्या है

OBC क्रीमी लेयर क्या है ?

OBC Creamy layer का meaning है; संपन्न वर्ग यानि जिसे सरकारी योजनाओं व आरक्षण की जरूरत नहीं होती है। सरकार ने ओबीसी वर्ग को दो भागों में इसलिए बांटा है; ताकि अति पिछड़ी जाति की उचित प्रकार से आरक्षण देकर मदद की जा सके।

क्रीमी लेयर के अंतर्गत वह उम्मीदवार आते है, जिनके माता-पिता की वार्षिक आय 8 लाख से अधिक है। इन्हें आरक्षण का लाभ प्राप्त नहीं होता है, क्योंकि यह सरकार की नजरिए से समृद्ध समझे जाते है।

वर्ष 2018 से पहले यह आय 6 लाख थी, बाद में इसे बढ़ाकर 8 लाख कर दिया गया। कुछ सालों में Creamy layer सीमा में बदलाव होते रहते है, पुनः सरकार इस सीमा को बढ़ाने पर विचार कर रही है और यह सीमा 8 लाख से 12 लाख रुपए हो सकती है।

वर्तमान में ओबीसी को सरकारी नौकरियों में 27% आरक्षण प्राप्त है, लेकिन वह क्रीमी लेयर में नहीं होने चाहिये क्योंकि के अंतर्गत आने वाले लोगों को सरकार से आरक्षण प्राप्त नहीं होता है।

OBC नॉन क्रीमी लेयर क्या है ?

OBC Non Creamy layer का meaning है; वह लोग जो पिछड़ी जाति के Reserve Category में आते है, जिन्हें सभी सेवाओं का लाभ मिलता है। ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर में 8 लाख से कम आय वाले उम्मीदवार आते है। इन्हें सरकार की तरफ से आरक्षण व अन्य लाभ मिलते है, क्योंकि यह सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े हुए रहते है।

यह तब बहुत काम आता है जब छात्र रिजर्वेशन कोटा के तहत स्कूलों और कॉलेजों में दाखिला लेते है। Non Creamy layer होने से छात्र स्कॉलरशिप के लिए Apply कर सकते है। नॉन क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट की अवधि सिर्फ 1 साल की होती है तथा विकलांग व्यक्ति को नॉन क्रीमी लेयर के तहत आयु में 13 साल की छूट मिलती है।

ओ.बी.सी. क्रीमी लेयर व क्रीमी लेयर में अंतर –

दोनों OBC Layers के बीच मुख्य अंतर इस प्रकार है :

OBC Non Creamy layer OBC Creamy layer
नॉन क्रीमी लेयर के अंतर्गत कैंडिडेट की पारिवारिक सालाना आय 8 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसके विपरीत अगर सालाना आय 8 लाख या अधिक है तो वह क्रीमी लेयर में आता है।
कैंडिडेट के माता-पिता Class 3 से कम पद पर काम कर रहे हो तो, उन्हें नॉन क्रीमी लेयर में रखा जाता है। माता-पिता Class 3 से ऊपर पद पर कार्य कर रहे हो तो, उन्हें क्रीमी लेयर में रखा जाता है।
इस श्रेणी में आने वाले कैंडिडेट सभी प्रकार की स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस श्रेणी के अंतर्गत कैंडिडेट कुछ चुनिंदा स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आज आपने क्या सीखा ):-

प्यारे पाठको, आज के लेख में हमने आपको बताया है कि क्रीमी लेयर और नॉन क्रीमी लेयर क्या है ? साथ ही इन दोनों के बीच मुख्य अंतर को भी जाना।

उम्मीद करते है; आपको हमारा OBC Creamy layer and Non Creamy layer पर आधारित यह लेख आपको पसंद आया होगा, और आपको किसी अन्य वेबसाइट पर जाने जानकारी खोजने की आवश्यकता नहीं होगी।

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