शिक्षा के महत्व पर निबंध

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शिक्षा हमारे देश के प्रत्येक नागरिक का जन्म सिद्ध अधिकार है। अगर कोई व्यक्ति अपनी शिक्षा पूर्ण करता है, तो वह खुद के लिए उन्नति के मार्ग खोलता है| ऐसे में शिक्षा को सर्वोपरि माना गया है और जिसे ग्रहण करने से कोई भी मनाही नहीं है चाहे वह किसी भी जाति, धर्म या लिंग से संबंध रखता हो। यहां हम शिक्षा के महत्व पर कुछ निबंध प्रस्तुत कर रहे हैं:

शिक्षा के महत्व पर छोटे एवं बड़े निबंध (Short and Long Essay on Importance of Education in Hindi)

Importance of education in Hindi

प्रथम निबंध (300 शब्द)

प्रस्तावना :

आज के समय में शिक्षा को सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना गया है । शिक्षा के होने से इंसान के अंदर जीवन जीने की असली कला आ जाती है; साथ ही साथ शिक्षा से हमारी सोच पर गहरा प्रभाव पड़ता है। शिक्षा देश के हर नागरिक के लिए आवश्यक रूप से होनी चाहिए; जिसके माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति आगे बढ़ते हुए खुद के भविष्य को एक दिशा दे सके।

शिक्षा के लाभ

शिक्षा के आने से जीवन में नए बदलाव देखे जाते हैं, जो निश्चित रूप से हमारी बेहतरी के लिए होते हैं। अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति को शिक्षित करते हो, जिन्हें शिक्षा प्राप्त नहीं हैं तो यह कार्य आपको संतुष्टि की ओर ले जाता है। मानव जीवन में शिक्षा के अनेकों फायदे हैं :

1. जब इंसान शिक्षित होता है, तो उसके अंदर का आत्मविश्वास स्वत: बढ़ जाता है।
2. शिक्षित होने से सोच का विकास होता है और व्यक्ति विचारशील बनता है।
3. शिक्षा के माध्यम से हम आर्थिक रूप से सशक्त हो सकते हैं।
4. शिक्षा हमेशा जीवन के उतार-चढ़ाव में हमारे काम आती है।
5. शिक्षा के माध्यम से अपनी असफलताओं को हराया जा सकता है।
6. शिक्षा के बढ़ने से ही समाज से प्राचीन रूढ़ीवादी कुरीतियां होती है।

निष्कर्ष :

शिक्षा का महत्व हमारे देश में प्राचीन समय से ही है, परंतु आज के समय में इसका महत्व अधिक बढ़ता जा रहा है; जहां प्रत्येक व्यक्ति अच्छी शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ना चाहता है। कहीं ना कहीं यह कदम इंसान को बेहतर बनाते हैं। शिक्षित इंसान ही देश का संपूर्ण विकास कर देश को आगे बढ़ा सकता है। अतः यह आवश्यक है कि प्रत्येक नागरिक को अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए ताकि वह आगे चलकर देश और समाज के विकास में योगदान दें।


द्वितीय निबंध (400 शब्द)

प्रस्तावना :

शिक्षा का हर युग में असाधाराण महत्व है और हर युग में शिक्षा का स्तर भी बदलता रहा है। शिक्षा जीवन‌ का आधार है। एक विकसित राष्ट्र की मांग शिक्षा है। कौशल, विकास और ज्ञान का मेल‌‌ शिक्षा है। शिक्षा से किसी का रोजगार है तो शिक्षा से किसी का आत्मविश्वास है। दूसरों को शिक्षा देकर कोई अपना घर चलता है तो शिक्षा ग्रहण करके कोई अपने अधिकारों के प्रति सजग होता है। मानव जीवन की हर परिस्थिति में शिक्षा का बहुत महत्व है।

शिक्षा का महत्व

शिक्षा से लोगों को अपने अधिकारों के बारे में जानकारी मिलती है; जिससे वो बिना किसी भय के अपनी बात सरकार और प्रशासन के समक्ष रखते हैं। एक शिक्षित समाज में ही महिलाएं सम्मान के साथ रहती है, एक शिक्षित समाज कौशल विकास, भाईचारा और शांति का प्रतीक माना जाता है।

ग्रामीण शिक्षित महिलाएं स्वयं एवं घर का स्तर शिक्षा के माध्यम से ऊंचा कर रही है। अपनी आजीविका का साधन उन्होंने शिक्षा ग्रहण करके ही प्राप्त किया है। बच्चों के लिए बचपन से ही शिक्षा का ज्ञान बहुत जरूरी है क्योंकि उन्हें जिस चीज की शिक्षा दी जाती है उनका विकास उसी स्तर पर होता है तो एक स्कूली शिक्षा बच्चों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।‌

शिक्षा को आधार मानकर लोग समाज में फैली बुराईयों को खत्म करना चाहते हैं इस लिहाज से देखा जाए तो शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण साधन है। शिक्षित समाज में महिलाओं के प्रति हो रहे अत्याचारों में कमी आती है और महिलाओं को समाज सम्मान नज़र से देखता है। एक बेहतर जीवन जीने और रोजगार की प्राप्ति हेतु शिक्षा का ज्ञान होना आवश्यक है।

जागरूकता का वास वहीं होता है जहां शिक्षा का स्थान होता है। जागरूक व्यक्ति न‌ केवल अपने लिए बल्कि वह समाज की अच्छाइयों के लिए भी लड़ता है। हम सभी को शिक्षा का महत्व समझना चाहिए और देश के एक जिम्मेदार नागरिक की तरह सभी को समझाना चाहिए।

निष्कर्ष :

शिक्षा के ज्ञान से समाज की बुराई, संवेदनशील मुद्दे तथा राष्ट्र की त्रुटियां सामने आती हैं। समाज में फैली बुराई, जनता के बीच राजनीतिक दलों द्वारा धर्म के नाम पर उत्पन्न मतभेद, महिला अत्याचार, भ्रष्टाचार, कुरीति आदि सभी का अंत शिक्षा का ज्ञान ग्रहण करने से होता है। अतः हम सभी को मिलकर लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना चाहिए तभी हम देश और समाज को आगे बढ़ा सकते हैं।


तृतीय निबंध (600 शब्द)

प्रस्तावना :

शिक्षा मनुष्य के जीवन का वह आधारस्तम्भ है; जिस पर उसका संपूर्ण जीवन टिका हुआ होता है। किसी भी व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ने के लिए और सफलता प्राप्त करने के लिए शिक्षा ही एकमात्र साधन और विकल्प होता है। एक शिक्षित व्यक्ति ही स्वयं का, अपने परिवार, समाज और देश का विकास करने की क्षमता रखता है। शिक्षा हमें मानसिक रूप से मजबूत बनाती हैं, जिससे हमारी बुद्धि का विकास होता है और हमारी विचार करने की क्षमता भी बढ़ती है। अज्ञानता से ज्ञान की ओर तथा अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का एकमात्र मार्ग शिक्षा ही होता है।

शिक्षा का महत्व

शिक्षा प्राप्त करना, प्रत्येक व्यक्ति का हक और कर्तव्य होता है। शिक्षा के कारण ही मनुष्य, आदिमानव से मानव बना और कई अविष्कार कर दिए; जिनसे जीवन जीना सुगम हो गया। अपने कौशल को उचित प्रशिक्षण से, और अधिक विकसित करना भी शिक्षा ही है। शिक्षा से मनुष्य के जीवन में सकारात्मकता आती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है जिससे जीवन में सफलता की सीढियां चढ़ना आसान हो जाता है।

व्यवहारिक और व्यवसायिक ज्ञान भी शिक्षा ही होती है। अच्छे शिक्षण से अच्छा आचरण की सीख मिलती है और अच्छी शिक्षा और आचरण से समाज में व्यक्ति को बहुत मान सम्मान मिलता है। एक सुशिक्षित व्यक्ति समाज में अपनी अलग पहचान बनाने में सफल होता है। शिक्षा से ही रोजगार और उद्योग के क्षेत्र में, अवसर निर्माण होते हैं।

प्राचीन भारत और शिक्षा

प्राचीन भारत में, शिक्षा का स्तर बहुत ऊंचा था। गुरुकुल शिक्षण पद्धति में, शिष्यों को जीवन जीने के लिए उपयोगी हर स्कील का प्रशिक्षण दिया जाता था। अक्षर ज्ञान के साथ साथ, वेद पुराणों के जरिए धार्मिक और व्यवहारिक ज्ञान भी दिया जाता था। स्त्री और पुरुष को समान शिक्षा देने कि प्रावधान था। परंतु धीरे धीरे, गुलामी के दौर आए और शिक्षा का स्तर, अधिकार और महत्व सब कम होता गया।

महिलाएं और शिक्षा

समय और परिस्थितियों के साथ शिक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता की कमी आती गई। घर से बाहर निकलकर किसी भी महिला का शिक्षित होना तो असंभव ही था। ऐसे में अशिक्षा के बंधनों को तोड़कर; कुछ साहसी और कर्तृत्वान महिलाओं ने सबका घोर विरोध सहन करके स्वयं को शिक्षित किया और अन्य महिलाओं की भी शिक्षा का मार्ग खोल दिया। देश की पहली महिला डॉक्टर, आनंदीबाई इस बात का प्रमाण है।

आज समाज और खासकर महिलाएं, आनंदीबाई जोशी की ओर आदर और कृतज्ञता से देखता है। उनकी राह पर चल कर, अनेक महिलाओं ने सिद्ध करके दिखाया कि एक शिक्षित महिला बहुत कुछ कर सकती हैं। एक महिला शिक्षित होती है, तो वह परिवार, समाज और देश की तरक्की का कारण बनती है।

निष्कर्ष :

आज धीरे धीरे, हमारे देश में भी शिक्षा का महत्व फिर से बढ़ रहा है। फिर भी, देश के कई भागों और वर्गों में शिक्षा, आज भी कोई महत्व नहीं रखती है। शिक्षा का महत्व समझते हुए भी, कई लोग या तो साधनों के अभाव में इससे वंचित हैं, या फिर किसी स्वार्थ के कारण उन्हें वंचित रखा जा रहा है।

किसी भी देश की प्रगति उस देश के शिक्षित नागरिकों के उपर निर्भर करती है इसी बात को समझते हुए, सरकार शिक्षा के लिए बहुत से कार्य करती है, जिसमें मुफ्त शिक्षा अभियान, सर्व शिक्षा अभियान, बालिका शिक्षा अभियान, दोपहर का भोजन, प्रोढ़ शिक्षा अभियान आदि उपक्रम आते हैं। लेकिन कुछ स्वार्थी लोगों की वजह से कई लोग सरकार द्वारा प्रदत्त इन सुविधाओं और संसाधनों का भी लाभ नही उठा पाते हैं।

हालांकि अनेक स्वयं सेवी संस्थाएं और लोग सरकार के साथ मिलकर, शिक्षा के अभियान से जुड़कर, लोगों को शिक्षित करने का काम कर रहे हैं। समय समय पर सरकार द्वारा उन्हें पुरस्कृत भी किया गया है। पता हम निष्कर्ष के तौर पर हम कह सकते हैं कि शिक्षा के बिना मानव जीवन अधूरा है देश का कोई भी नागरिक शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।

आज आपने क्या सीखा ):-

यहां हमने आपको शिक्षा के महत्व पर छोटे तथा बड़े निबंध उपलब्ध कराए हैं। उम्मीद करते हैं आप यह सीख गए होंगे कि इस विषय पर निबंध कैसे लिखना है। यदि हमारे द्वारा लिखे गए यह निबंध आपके लिए उपयोगी साबित हुए हैं तो अपने मित्रों के साथ SHARE करना ना भूले।

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