Shyam Chalisa in Hindi | खाटू श्याम चालीसा

- Advertisement -

Shyam Chalisa इस लेख में उपलब्ध है. ऐसा माना जाता है कि श्री कृष्ण भगवान जी का कलयुग अवतार श्याम नाम से है और भी कलयुग में इसी नाम से पूजे जाएंगे. Khatu Shyam Chalisa का अध्ययन कर आप श्याम जी को प्रसन्न कर सकते हैं.

जो भी इस नाम को सच्चे हृदय और संपूर्ण श्रद्धा के साथ याद करता है खाटू श्याम सदैव उनके साथ होते हैं. यहां Shyam Chalisa lyrics in Hindi नीचे दी गई है तो आइए श्री श्याम चालीसा का पाठ करते हैं.

Shyam Chalisa lyrics in Hindi
Shyam Chalisa lyrics in Hindi

◊Shyam Chalisa lyrics in Hindi◊

♦दोहा♦

श्री गुरु चरणन ध्यान धर, सुमीर सच्चिदानंद।
श्याम चालीसा बणत है, रच चौपाई छंद।।

♦चौपाई♦

श्याम-श्याम भजि बारंबारा।
सहज ही हो भवसागर पारा।।

इन सम देव न दूजा कोई।
दिन दयालु न दाता होई।।

भीम सुपुत्र अहिलावाती जाया।
कही भीम का पौत्र कहलाया।।

यह सब कथा कही कल्पांतर।
तनिक न मानो इसमें अंतर।।

बर्बरीक विष्णु अवतारा।
भक्तन हेतु मनुज तन धारा।।

बासुदेव देवकी प्यारे।
जसुमति मैया नंद दुलारे।।

मधुसूदन गोपाल मुरारी।
वृजकिशोर गोवर्धन धारी।।

सियाराम श्री हरि गोबिंदा।
दिनपाल श्री बाल मुकुंदा।।

दामोदर रण छोड़ बिहारी।
नाथ द्वारिकाधीश खरारी।।

राधाबल्लभ रुक्मणि कंता।
गोपी बल्लभ कंस हनंता।।

मनमोहन चित चोर कहाए।
माखन चोरि-चारि कर खाए।।

मुरलीधर यदुपति घनश्यामा।
कृष्ण पतित पावन अभिरामा।।

मायापति लक्ष्मीपति ईशा।
पुरुषोत्तम केशव जगदीशा।।

विश्वपति जय भुवन पसारा।
दीनबंधु भक्तन रखवारा।।

प्रभु का भेद न कोई पाया।
शेष महेश थके मुनिराया।।

नारद शारद ऋषि योगिंदरर।
श्याम-श्याम सब रटत निरंतर।।

कवि कोदी करी कनन गिनंता।
नाम अपार अथाह अनंता।।

हर सृष्टी हर सुग में भाई।
ये अवतार भक्त सुखदाई।।

ह्रदय माहि करि देखु विचारा।
श्याम भजे तो हो निस्तारा।।

कौर पढ़ावत गणिका तारी।
भीलनी की भक्ति बलिहारी।।

सती अहिल्या गौतम नारी।
भई श्रापवश शिला दुलारी।।

श्याम चरण रज चित लाई।
पहुंची पति लोक में जाही।।

अजामिल अरु सदन कसाई।
नाम प्रताप परम गति पाई।।

जाके श्याम नाम अधारा।
सुख लहहि दुःख दूर हो सारा।।

श्याम सलोवन है अति सुंदर।
मोर मुकुट सिर तन पीतांबर।।

गले बैजंती माल सुहाई।
छवि अनूप भक्तन मान भाई।।

श्याम-श्याम सुमिरहु दिन-राती।
श्याम दुपहरि कर परभाती।।

श्याम सारथी जिस रथ के।
रोड़े दूर होए उस पथ के।।

श्याम भक्त न कही पर हारा।
भीर परि तब श्याम पुकारा।।

रसना श्याम नाम रस पी ले।
जी ले श्याम नाम के ही ले।।

संसारी सुख भोग मिलेगा।
अंत श्याम सुख योग मिलेगा।।

श्याम प्रभु हैं तन के काले।
मन के गोरे भोले-भाले।।

श्याम संत भक्तन हितकारी।
रोग-दोष अध नाशे भारी।

प्रेम सहित जब नाम पुकारा।
भक्त लगत श्याम को प्यारा।।

खाटू में हैं मथुरावासी।
पारब्रह्म पूर्ण अविनाशी।।

सुधा तान भरि मुरली बजाई।
चहु दिशि जहां सुनी पाई।।

वृद्ध-बाल जेते नारि नर।
मुग्ध भये सुनि बंशी स्वर।।

हड़बड़ कर सब पहुंचे जाई।
खाटू में जहां श्याम कन्हाई।।

जिसने श्याम स्वरूप निहारा।
भव भय से पाया छुटकारा।।

♦दोहा♦

श्याम सलोने संवारे, बर्बरीक तनुधार।
इच्छापूर्ण भक्तों की, करो ना लाओ बार।।


यह भी पढ़ें:

श्री हनुमान चालीसा श्री दुर्गा चालीसा श्री शनि चालीसा
श्री शिव चालीसा श्री गणेश चालीसा श्री कुबेर चालीसा
श्री सूर्य चालीसा श्री लक्ष्मी चालीसा श्री राधा चालीसा
श्री सरस्वती चालीसा श्री विष्णु चालीसा श्री नवग्रह चालीसा
श्री बगलामुखी चालीसा श्री कृष्ण चालीसा श्री गायत्री चालीसा
श्री काली चालीसा श्री संतोषी चालीसा श्री श्याम चालीसा
श्री राम चालीसा श्री पार्वती चालीसा श्री भैरव चालीसा
श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा श्री ललिता चालीसा मां चिंतपूर्णी चालीसा

 

 

- Advertisement -
Editorial Teamhttps://multi-knowledge.com
आप सभी पाठकों का हमारे ब्लॉग पर स्वागत है। Editorial Team लेखकों का एक समूह है; जो इस ब्लॉग पर पाठकों के लिए महत्वपूर्ण और जानकारी से भरपूर नए लेख अपडेट करता रहता है। मल्टी नॉलेज टीम का उद्देश्य डिजिटल इंडिया के तहत प्रत्येक विषय की जानकारी उपभोक्ताओं तक मातृभाषा हिंदी में सर्वप्रथम उपलब्ध कराना है। हमारी टीम द्वारा लिखे गए लेख पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद।

Related Post

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

error: Protected
close button