गिलोय का परिचय, औषधीय गुण और फायदे

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Giloy ke fayde: हमारी भारतीय संस्कृति जितनी महान और विशिष्ट है, उतनी ही समृद्ध इसके वेद शास्त्र है, जिनमें जीवन यापन के तौर-तरीकों के साथ ही ऐसी अनेक ज्ञानवर्धक बातें लिखी गई है, जिन्हें आज संपूर्ण विश्व अपना रहा है । हमारे ऋषि-मुनियों ने अपनी कठोरतपस्या से प्राप्त ज्ञान और विज्ञान को हमें सोंपा हैं। इसी ज्ञान के अद्वितीय इतिहास का वर्णन हमारे वेदों और उपनिषदों में वर्णित है। हमारे वेदों, पुराणों और ग्रंथों को यदि हम पढ़ते और समझते हैं तो हमें हमें इनकी महत्ता का पता चलता है। इसी प्रकार का एक ग्रंथ है आयुर्वेद।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि आयुर्वेद हमारे भारतीय संस्कृति की हजारों सालों से चली आ रही एक विशाल और समृद्ध परंपरा है, जिसका संस्कृत में अर्थ होता है आयु अर्थात “जीवन” और वेद अर्थात “विद्या”। इसी ग्रंथ में प्राचिन काल से चली आ रही रोग उपचार पद्धतियों तथा हमारे देश में उपलब्ध उन किमती जड़ी-बूटियों और वनस्पतियों का वर्णन किया गया है. जो आज भी हमें आसानी से उपलब्ध तो है, परंतु हम में से कई लोग आज भी इनके महत्व से अनजान ही है। हजारों प्रकार की ये गुणकारी वनस्पतियां और जड़ी बूटियां आज भी हमारे देश में प्रचुरता से उपलब्ध है जिनका उपयोग हमारे पूर्वज कई प्रकार के गंभीर रोगो का उपचार करने में करते थे।

तुलसी, एलोवेरा, अश्वगंधा, हल्दी, शतावरी, ब्राम्ही, मुलहठी, आंवला, गिलोय (Giloy in Hindi) इत्यादि प्रमुख आयुर्वेदिक वनस्पतियां और जड़ी बूटियां हैं जिनका उपयोग प्रमुखता से रोगों के उपचार में होता है। और ये हमारे आसपास ही पाई जाती है, यहां तक कि हमारी रसोई में भी इनका समावेश होता है, पर हमें पता ही नहीं होता।

ऐसी ही एक बहुत ही गुणकारी और चमत्कारी आयुर्वेदिक औषधि है “गिलोय”. आज हम हमारे इस Post में गिलोय के महत्त्व (Importance of Giloy in Hindi) और उसके गिलोय के फायदे (Use of Giloy in Hindi) के विषय में अच्छे से जानकारी प्राप्त करेंगे।

गिलोय के औषधीय गुण और फायदे
गिलोय के औषधीय गुण और फायदे

गिलोय क्या है ? 

यूं तो इसे कई नामों से जाना जाता है, कई भाषाओं में भी इसके अलग-अलग नाम है, परंतु साधारण बोलचाल की भाषा में इसे गिलोय या गुडवेल के ही नामों से जाना जाता है. संस्कृत भाषा में इसकी गुणवत्ता के आधार पर इसे कई नाम दिए गए है, जैसे अमृता अर्थात अमृत के गुणों वाली, जिसे स्वयं भी अमरता का वरदान प्राप्त है इसके अतिरिक्त इसका एक और नाम है, जीवन्ती अर्थात जीवन देने वाली इत्यादि। इसका वैज्ञानिक नाम “Tinospora Cordifolia” है।

गिलोय को कैसे पहचाने ?

सबसे पहले तो हम जानेंगे कि, गिलोय की संरचना कैसी होती है ? मतलब गिलोय दिखती कैसी है ? ताकि कई एक जैसी दिखने वाली वनस्पति में से हम इसे आसानी से पहचान सके।

गिलोय को कैसे पहचाने ?
गिलोय को कैसे पहचाने ?

गिलोय लता के रुप में पेड़ों पर फैली और लिपटी हुई होती हैं। इसके पत्ते थोड़े बड़े और दिल के आकार के होते हैं. इनकी छाल मांसल और हरे रंग की होती है तथा इसकी बाहरी परत भूरे रंग की होती है। यूं तो ये किसी भी पेड़ से लिपटने से इसकी गुणवत्ता में कोई फर्क नहीं पड़ता है, परंतु यदि ये नीम के पेड़ पर पाई जाए तो इसके गुणों में और भी वृद्धि हो जाती है, क्योंकि नीम के भी गुण इसमें उतरकर आ जाते हैं।

गिलोय के फायदे (Giloy ke Fayde)

जैसे कि नाम से ही स्पष्ट है कि गिलोय एक जीवन देने वाली अमृत के समान औषधि है, जिसका उपयोग कई प्रकार के रोगो के उपचार में किया जाता हैं। यह कई Antioxidants and Antibacterials गुणों से भरपूर होती है, जो कई बड़ी बिमारियों से हमारा संरक्षण करती है। साथ ही इसमें प्रचुरता से केल्शियम, मेग्निशियम, फास्फोरस, जिंक, कॉपर और मिनरल  पाया जाता है। जो हमारे शरीर के लिए आवश्यक तत्व है। आइए गिलोय के फायदे (Giloy ke Fayde) के बारे में अच्छे से जानते हैं.

♦कोरोना से बचाव में बेहद उपयोगी है गिलोय  

अभी के इस अत्यंत कठिन समय में, सबसे ज्यादा जरुरी है अपनी Immunity को बरकरार रखना, या बढ़ाना बहुत जरूरी हो गया है। क्योंकि Corona Virus नाम की इस खतरनाक महामारी का दुष्प्रभाव उन्हीं लोगों पर अधिक देखा गया है, जिनकी Immunity कम होती है। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए भी गिलोय के फायदे (Giloy ke Fayde) कॉफी प्रभावकारी होता है।

♦इन बीमारियों में रामबाण इलाज है गिलोय

मौसम में परिवर्तन का हमारे शरीर पर भी प्रभाव पड़ता हैं, जैसे- ठंड और बारिश में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार आदि बिमारियां का शिकार होना तो आम बात है, तो इन सभी से बचाव में गिलोय का काढ़ा (Giloy ka kadha) बहुत ही उपयोगी साबित होता है जो कुछ अन्य प्रभावशाली जड़ी बूटियां मिलाकर बनाया जाता है।

  1. डेंगू (Dengue) जैसी गंभीर बिमारी के लिए तो गिलोय एक वरदान ही है। क्योकि डेंगू से शरीर में प्लेटलेट्स की मात्रा कम हो जाती है, कभी कभी तो यह इतनी कम हो जाती है कि मरीज की मृत्यु तक हो जाती है। गिलोय के पत्तों के रस  का सेवन करने से डेंगू से बचाव किया जा सकता है।
  2. चिकनगुनिया (Chikungunya) भी एक घातक बिमारी है, जिसमें असामान्य बुखार आता है, हड्डियों में तीव्र वेदना होती है। इसमें भी गिलोय के तने को अन्य जड़ी बूटियां मिला कर पीने से शरीर को आराम मिलता है, तथा बिमारी से आने वाली कमजोरी भी दूर होती है
  3. मोटापा (Fat) जो कि बिमारियों का घर होता है, उसे दूर करने में भी गिलोय सक्षम है। सुबह और शाम को गिलोय का रस  पीने से, शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी हट जाती है। और शरीर चुस्त हो जाता है। गिलोय का रस जरा कड़वा होता है तो उसे शहद (Honey) में मिलाकर सेवन कर सकते हैं।
  4. मधुमेह (Sugar) जैसी बीमारी में भी, शरीर के रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करने में गिलोय सहायक होता है।इसे पानी में उबालकर, मधुमेह नाशक वटी के रुप में या फिर अन्य जड़ी बूटियों के साथ चूर्ण बनाकर उपयोग कर सकते हैं।

♦आंखों के लिए फायदेमंद है गिलोय

आंखों की रौशनी को बढ़ाने में भी गिलोय के फायदे (Giloy ke Fayde) लाभकारी होता हैं। इसे आंवले के रस में मिलाकर पीने से इसके औषधीय गुणों में वृद्धि होती है, क्योंकि आंवला तो है ही आंखों की रौशनी बढ़ाने में सहायक। साथ ही आंखों की अन्य समस्याओं को दूर हो जाती है।

♦पेट संबंधी बीमारियों में कारगर

यह एक ऐसी औषधि वनस्पति है जो कि शरीर को अंदर से स्वच्छ रखने का काम करती है, क्योंकि इसके सेवन से, शरीर से हानिकारक तत्व बाहर निकल जाते हैं और खून भी साफ़ होता है। अतः इसका सेवन रोज अवश्य करना चाहिए। पाचन संबंधी विकारों को भी गिलोय के सेवन से ठीक कर सकते हैं, जिससे कि पेट साफ होकर गैस या जलन आदि की समस्या आपको परेशान नहीं करेगी। इसे काढ़ा, वटी या चूर्ण बनाकर उपयोग किया जा सकता है।

♦Conclusion♦

इसके सेवन में कुछ बातों का ध्यान रखना भी अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि जहां गुण होते हैं, वहां अवगुण भी अवश्य ही होते हैं और अति किसी भी चीज की अच्छी नहीं होती है तो सबसे पहले तो यह ध्यान रखें कि हमें किसी भी प्रकार की औषधि का चाहे वह आयुर्वेदिक (Ayurved) हो या एलोपैथी (Allopathy) हो, जानकार की सलाह से तथा सही मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। गर्भवती तथा दूध पिलाने वाली माताएं  भी इसका सेवन ना ही करने की कोशिश करें। किसी भी प्रकार की अत्यंत गंभीर Cancer जैसी बिमारी में या Operation होने पर इसका सेवन ना करें।

इतने सारे औषधीय गुणों से भरपूर गिलोय, जो कि हमारे देश में प्रचुर मात्रा में और आसानी से उपलब्ध है, तो हमें इसका सेवन नियमित रुप से करना चाहिए। कहते हैं कि हमारी सेहत हमारे ही हाथों में होती है। और हम तो इतने खुशकिस्मत हैं कि आयुर्वेद जैसी सौगात मिली है, जिसे आज संपूर्ण विश्व अपनाने के लिए उत्सुक हैं, तो हम गिलोय के फायदे (Giloy ke Fayde) करके हमेशा स्वस्थ रह सकते हैं।

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