सीबीआई (CBI) क्या है ?

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What is CBI in Hindi : आज कल Social Media, News, हर जगह CBI की चर्चा होती रहती है। CBI भारत की सबसे बड़ी जांच एजेंसियों में से एक है. लोगों का ऐसा विश्वास है कि यदि CBI यदि किसी केस की जांच करती है तो उसमें सच्चाई सामने अवश्य आती है. अन्य जांच एजेंसियों की तुलना में सीबीआई पर लोगों का भरोसा काफी ज्यादा है इसीलिए आज हर बड़े आपराधिक / भ्रष्टाचार के मामलें में लोगो द्वारा CBI जाँच की मांग उठाई जाती है।

अब आपके मन बहुत से प्रश्न आते होंगे जैसे कि CBI कैसे काम करती है ? और कौन से केस CBI को सौंपे जाते है ? सीबीआई का पूरा नाम क्या है? कौन तय करता है कि CBI किन मामलों की जाँच करेगी ? इत्यादि.

इस Post में आपके इन्ही सारे सवालों का जवाब मिलेगा । CBI के बारे में जानने के लिए लेख को पुरा ज़रुर पढ़े।

सीबीआई क्या है ? सीबीआई किन मामलों में जांच करती है ?
सीबीआई क्या है ? सीबीआई किन मामलों में जांच करती है ?

सीबीआई क्या है – What is CBI in Hindi ?

यह भारत सरकार की प्रमुख जाँच एजेन्सी (Investigation Bureau) है। यह आपराधिक एंव राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलो की जाँच करती है। हमारे देश में कई एजेंसिया है जो आपराधिक मामलो की जाँच करती है।

CBI उनमें से ही एक है. सीबीआई सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अन्य देशों में अपराधियों के खिलाफ जांच करती है। यदि अपराधी देश के बाहर भी चला जाता है तो भी CBI उस पर कार्यवाही करने के लिए पूरी तरह तैयार रहती है।

CBI की Full Form : केन्द्रिय अन्वेषण ब्यूरो (Central Bureau of Investigation)

CBI का मुख्यालय : CBI का मुख्यालय नई दिल्ली में हैं।

CBI की स्थापना : जब द्वितीय विश्व युद्ध चल रहा था तब युद्ध से सबंधित खरीद में रिश्वत और भ्रष्टाचार के आरोपों की जाँच के लिए 1941 में एक विषेश पुलिस प्रतिष्ठान (SPI) का गठन किया गया।

बाद में दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (DSPE) अधिनियम 1946 को लागू करके इसे भ्रष्टाचार के आरोपों की जाँच करने का कार्य सौंपा गया। 1963 में इसे केन्द्रिय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) नाम दिया गया।

CBI निदेशक : CBI निदेशक की नियुक्ति एक कमेटी करती है। कमेटी में प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और Superem Court के चीफ जस्टिस या सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधीश शामिल होते है। वर्तमान में CBI के निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला है।

सीबीआई के विभाग – Department of CBI in Hindi

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के मुख्य रूप से तीन विभाग हैं आइए इनके बारे में जानते हैं –

भ्रष्टाचार निरोधी प्रभाग : भ्रष्टाचार अधिनियम 1988 के तहत इसमें केंद्र सरकार के अधीन सार्वजनिक अधिकारियों, निगमो या निकायो के कर्मचारियो व लोक अधिकारियो के भ्रष्टाचार से संबंधित मामलो की जाँच की जाती है। यदि किसी सरकारी कर्मचारी या लोक अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगता है तो उसकी जाँच CBI द्वारा की जाती है।

आर्थिक अपराध प्रभाग – इस विभाग में वित्तीय घोटाले, गंभीर आर्थिक धोखाधड़ी, बैंक धोखाधड़ी, नकली भारतीय मुद्रा व निषिद्ध वस्तुओ की तस्करी के मामले आते है़।

विशेष अपराध प्रभाग – इसमें गंभीर सनसनीखेज़ अपराध जैसे- आतंकवाद, बम विस्फोट, फिरौती के लिए अपहरण और माफिया द्वारा किये गए अपराधो की जाँच होती हैं।

सीबीआई के अधिकार : – Powers of CBI in Hindi ?

आप यह जाने के लिए उत्सुक होंगे कि CBI के क्या अधिकार होते हैं और सीबीआई के कार्य करने की प्रक्रिया क्या है? आपको बता दें, सीबीआई को राष्ट्रीय सुरक्षा, भ्रष्टाचार और गहन मुद्दों की जांच सौंपी जाती है. यहां हमने नीचे सीबीआई के अधिकार और कार्य करने की प्रक्रिया के बारे में बताया है :

♦दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान अधिनियम, 1946 ने CBI को जाँच की शक्तियां दी हैं। सीबीआई पूरे भारत के साथ-साथ विदेशी आपराधिक मामले की जाँच भी करती हैं। जैसे- भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, हत्या इत्यादि.

♦CBI के पास जो मामले आते हैं उसकी ज़िम्मेदारी भारत सरकार द्वारा, राज्य की सहमती से दी जाती है। CBI सिर्फ उन अपराधो की जाँच करता है – जब किसी केस में वँहा की स्थानीय पुलिस की जाँच पर शक होता है या लंबे समय तक कोई केस लंबित हो।

♦पहले CBI केवल घूसखोरी और भ्रष्टाचार की जाँच तक सीमित थी जैसे – धोखाधडी़, सामाजिक अपराध, जमाखोरी, मुनाफाखोरी, की जाँच का कार्य सौंपा गया. लेकिन 1965 से हत्या, किडनेपिंग, आतंकवाद , वित्तीय अपराध, आदि की जाँच भी CBI के दायरे में आ गई।

Superem Court या High Court भी देश के किसी भी राज्य में जाँच के आदेश दे सकती है लेकिन इसके लिए उन्हें राज्य की सहमती की आवश्यकता नहीं होती।

♦भ्रष्टाचार से संबधित किसी भी मामले में CBI सीधे कार्रवाई कर सकती हैं। इसके लिए केन्द्र या राज्य सरकार की सहमती की ज़रुरत नही है़।

♦1946 के अधिनियम की धारा 5 के तहत केंद्र सरकार CBI के अधिकार क्षेत्रो को राज्य तक बढ़ा सकती है। और धारा 6 के तहत CBI की शक्तियों और अधिकार क्षेत्रो को उस राज्य सरकार की सहमती के बिना किसी भी राज्य में विस्तारित नही किया जा सकता है।

♦CBI की जाँच से जुड़ी सुनवाई विशेष CBI अदालत में ही होती है।

♦Conclusion♦ 

दोस्तो इस पोस्ट में CBI के बारे में पुरी जानकारी दी गई है। इसे पढ़ कर आपके सभी सवालो का जवाब मिल गये होंगे। CBI कैसे काम करती है। और इससे जांच करने के लिए कौन आदेश देता है। यदि आपको हमारा यह लेख “सीबीआई क्या है ?” पसंद आया हो तो हमारा मनोबल बढ़ाने के लिए एक COMMENT अवश्य करें ताकि हम आगे भी ऐसी ही जानकारी से भरपूर Articals आपके लिए लाते रहे.

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